श्री राजेश्वर भगवान की आरती

ॐ जय गुरुदेव हरे प्रभु जय गुरुदेव हरे।
अधम उधारन कारण भक्ति बधावन कारण संतन रूप धरे ।
ॐ जय गुरुदेव हरे प्रभु जय गुरुदेव हरे।
श्वेत वस्त्र शोभित गल बिच फुल माला,