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आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर

आज पूरे देश भर में आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर है और निरंतर फल फूल रहा है। पिछले कुछ वर्षो में शिक्षा व जागरूकता की कुछ कमी के चलते स्वाभाविक तौर पर कुछ सामाजिक बुराईयों और विशेषकर नशे की प्रकृति ने अपना राज स्थापित कर लिया और उसका परिणाम यह रहा कि शादी-ब्याह,मौसर (मृत्युभोज) व अन्य अवसरों पर अफीम का प्रचलन हो गया। चिन्ता का विषय तो इससे भी अधिक यह हो गया है कि अफीम की जगह अफीम का दूध प्रयोग में लिया जाने लगा है जो सबसे घातक व हानिकारक नशा है। आम तौर पर समाज में इस बढते अफीम व अफीम के दूध के प्रयोग के विरूद्ध तो अधिकांश लोग है लेकिन बुजुर्गो के समय से चली आ रही इस प्रथा का विरोध करने

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