धर्म- कर्म

पूज्य संत श्री सुजारामजी महाराज की 5वीँ पुण्यतिथि

आज परम पूज्य अन्न त्यागी संत श्री सुजारामजी महाराज की 05वीँ पुण्यतिथि पर 'आँजणा समाज' के असंख्य भक्तोँ द्वारा संतश्री को श्रदांजलि अर्पिक की गई।

आँजणा समाज के लाखोँ युवाओँ के प्रेरणास्रोत
परम पूज्य ब्रह्मलीन संत श्री सुजारामजी महाराज को उनकी पुण्यतिथि पर कोटि
कोटि नमन। #AanjanaSamajLive

सोमवार और अक्षय तृतीया का मेल, महापुण्यों के साथ देगा सांसारिक वस्तुओं का वरदान

अक्षय तृतीया , शुभ , मूहर्त , विवाह

वैशाख माह में भगवान विष्णु व परमेश्वर शिव के पूजन का विशेष महत्व है परंतु वैशाख माह के शुल्क पक्ष की तृतीया तिथि अर्थात अक्षय तृतीया को किया गया शिव परिवार पूजन अक्षय फल प्रदान करता ह। अक्षय तृतीया को युगादि तिथि भी कहा जाता है। सुख, शांति, सौभाग्य तथा समृद्धि हेतु इस दिन शिव-पार्वती व नर-नारायण के पूजन का विधान है। इस दिन श्रद्धा-विश्वास के साथ व्रत रख जो प्राणी पवित्र नदियों और तीर्थो में स्नान कर अपनी शक्तिनुसार देवस्थल व घर में ब्राह्मणों द्धारा यज्ञ, होम, देव-पितृ तर्पण, जप, दानादि शुभ कर्म करते हैं उन्हें उन्नत व अक्षय फल की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति अक्षय तृतीया पर शिव पूजन कर पूज

समाज को शिक्षित करना ही पूज्य संत श्री दयारामजी का सपना(ध्यये) । समाज को शिक्षित करना ही पूज्य संत श्री दयारामजी का सपना(ध्यये) ।

समाज को शिक्षित करना ही पूज्य संत श्री दयारामजी का सपना(ध्यये) ।
जीवन के संकीर्ण दायरे से बाहर निकलकर जन जन के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहने वाले इस संसार में बिरले ही होते हैं। ऐसे ही एक संत है जोधपुर जिले के शिकारपुरा स्थित श्री राजारामजी आश्रम के वर्तमान गादीपति श्री दयारामजी महाराज।
आम जन के विकास के लिए समर्पित महाराजश्री का कहना है कि "मानव जीवन मिला है,उसे व्यर्थ गंवाने की बजाय लोगों को सच्चे मार्ग पर लाकर उनका जीवन सुधारने का प्रयत्न करना चाहिए"।

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