गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

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श्री राजेश्वर भगवान का जन्मोत्सव देश भर में मनाया गया

श्री राजेश्वर भगवान के १३४वे जन्मोत्सव पर पूर्व संध्या पर देश भर में राजस्थान,महाराष्ट्र , कर्नाटका , गुजरात, तमिलनाडु , आंध्र प्रदेश , मध्य प्रदेश सहित कई राज्यो में भव्य भजन संध्या आयोजित की गयी , भजन संध्या के शुरुआत में गणपति वन्दना से शुरुआत करके पूज्य गुरुदेव श्री राजेश्वर भगवान के भजन, आरती ,देशी भजनों की प्रस्तुति एवम् सुमधुर भजनों की स्वरलहरियों पर श्रोतागण झूमते हुए नजर आये।

‘मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम को जानकर उनके अनुसार अपना जीवन बनाने का संकल्प लेने का पर्व है रामनवमी’

रामनवमी के अवसर पर...

आज देशभर में मनाया जायेगा श्री रामनवमी के साथ श्री राजेश्वर जन्मोत्सव

श्री राजारामजी महाराज का जन्म चैत्र शुल्क ९ संवत १९३९ को, जोधपुर तहसील के गाँव शिकारपुरा में, अंजना कलबी वंश की सिह खांप में एक गरीब किसान के घर हुआ था | जिस समय राजारामजी की आयु लगभग १० वर्ष थी तक राजारामजी के पिता श्री हरिरामजी का देहांत हो गया और कुछ समय बाद माता श्रीमती मोतीबाई का स्वर्गवास हो गया |

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