गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

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मिडिया

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ऐतिहासिक फैसला - रेवदर

आँजणा चौधरी समाज का स्नेह मिलन समारोह व नशा मुक्ति अभियान का रेवदर तहसील के भामरा गांव में चौधरी भवन में किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के अग्रणी बड़े बुजुर्ग व युवा साथियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर नशा (अफीम) मुक्त समाज का संकल्प लिया।

समाज को जागरूक होना होगा

समाज के विशेषरूप से युवा साथियों से यह अपेक्षा की जा सकती है कि व्यसनमुक्ति के प्रति जागरूक हम कैसे बन सकते हैï?

आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर

आज पूरे देश भर में आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर है और निरंतर फल फूल रहा है। पिछले कुछ वर्षो में शिक्षा व जागरूकता की कुछ कमी के चलते स्वाभाविक तौर पर कुछ सामाजिक बुराईयों और विशेषकर नशे की प्रकृति ने अपना राज स्थापित कर लिया और उसका परिणाम यह रहा कि शादी-ब्याह,मौसर (मृत्युभोज) व अन्य अवसरों पर अफीम का प्रचलन हो गया। चिन्ता का विषय तो इससे भी अधिक यह हो गया है कि अफीम की जगह अफीम का दूध प्रयोग में लिया जाने लगा है जो सबसे घातक व हानिकारक नशा है। आम तौर पर समाज में इस बढते अफीम व अफीम के दूध के प्रयोग के विरूद्ध तो अधिकांश लोग है लेकिन बुजुर्गो के समय से चली आ रही इस प्रथा का विरोध करने

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