गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

मिडिया

आँजणा समाज वेबसाइट पोर्टल में आपका हार्दिक स्वागत है ,आँजणा समाज आपका अपना वेब पोर्टल है इस वेबसाइट में आप हमें समाज से जुडी न्यूज़, कृषि से जुडी न्यूज़ , शिक्षा,समाज न्यूज़ पेपर कटिंग ,आँजणा समाज न्यूज़ के विडियो क्लिप भेज सकते है समाज से जुडी सभी जानकारियो को एक ही जगह समाहित करने का प्रयास किया गया है।

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आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर

आज पूरे देश भर में आंजणा चौधरी समाज प्रगति की राह पर है और निरंतर फल फूल रहा है। पिछले कुछ वर्षो में शिक्षा व जागरूकता की कुछ कमी के चलते स्वाभाविक तौर पर कुछ सामाजिक बुराईयों और विशेषकर नशे की प्रकृति ने अपना राज स्थापित कर लिया और उसका परिणाम यह रहा कि शादी-ब्याह,मौसर (मृत्युभोज) व अन्य अवसरों पर अफीम का प्रचलन हो गया। चिन्ता का विषय तो इससे भी अधिक यह हो गया है कि अफीम की जगह अफीम का दूध प्रयोग में लिया जाने लगा है जो सबसे घातक व हानिकारक नशा है। आम तौर पर समाज में इस बढते अफीम व अफीम के दूध के प्रयोग के विरूद्ध तो अधिकांश लोग है लेकिन बुजुर्गो के समय से चली आ रही इस प्रथा का विरोध करने

इतिहास

इतिहास के पन्नो में आँजणा समाज ....

आँजणा समाज, चौधरी, पटेल, कलबी या पाटीदार समाज के नाम से भी जाना जाता है। आँजणा समाज की कुल २३२ गोत्रे हैं ।जिसमे अटीस ओड,आकोलिया, फेड़, फुवा,फांदजी, खरसान, भुतादिया, वजागांड, वागडा, फरेन, जेगोडा, मुंजी, गौज, जुआ लोह, इटार, धुजिया, केरोट, रातडा, भटौज, वगेरह समाविष्ट हैं । भव्य बादशाही भूतकाल धरानी आँजणा जाति का इतिहास गौरान्वित हैं ।

परिचय

आदरणीय आँजणा भाई बन्धुओ
....................जय श्री राजेश्वर भगवान की !!

आपको बताते हुए अत्यन्त हर्षानुभुती हो रही है की देश विदेश में रहने वाले आँजणा समाज के प्रवासी बन्धुओ की परिचय डायरेक्टरी के लिए वेब पोर्टल को बनाने का संकल्प लिया था । वह आज गुरु श्री राजेश्वर भगवान की कृर्पा से आज पूरा होने जा रहा है हम आप सभी भाई बन्धुओ से आशा करते है की आप अपना - अपना परिचय देकर इस वेब पोर्टल को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे ।

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